Daily Calendar

Tuesday, September 29, 2009

युवकों ने की भ्जेपीआर में तोडफोड

जींद : पानीपत से जींद की तरफ आने वाली भ्जेपीआर में सफीदोंलृपिल्लूチोडा केञ् बीच शरारती युवकों ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान युवकों ने रेलगाडी की बोगी में तोडफोड की, वहीं चालक दल केञ् साथ मारपीट केञ् अलावा यात्रियों केञ् साथ छेडछाड ाी की। साथ ही युवकों ने बारलृबार चैन पुलिंग करकेञ् ट्रेन को रोका। इसकी सूचना रेलवे पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पिल्लूチोडा पुलिस केञ् अलावा राजकीय रेलवे पुलिस व रेलवे सुरक्षा बल मौकेञ् पर पहुंच गया। जानकारी केञ् अनुसार सोमवार रात पानीपत से जींद केञ् लिए भ्जेपीआर यात्री गाड़ी चली थी। इस ट्रेन में सफीदों रेलवे स्टेशन से कुञ्छ शरारती युवक सवार हो गए। जब ट्रेन सफीदोंलृपिल्लूチोडा केञ् बीच पहुंची तो कुञ्छ युवकों ने गाड़ी में हुड़दंग मचाना शुरूञ् कर दिया। युवकों ने यात्रियों को परेशान किया। यात्रियों ने युवकों को शरारतों से बाज आने केञ् लिए कहा, लेकिन युवक यात्रियों केञ् साथ दुर्व्यवहार पर उतर आए। इसी दौरान युवकों ने गाड़ी केञ् अंदर बिजली उपकरणों से छेड़छाड़ करनी शुरूञ् कर दी और बारलृबार रेल की चैन को खींचने लगे। युवकों ने ट्रेन में तोडफोड ाी की। चालक दल ने दोलृतीन बार गाड़ी को रोक कर चैन खींचने केञ् बारे में पूछताछ की। इस दौरान युवकों ने रेलवे कर्मचारियों से भी गाली गलौच किया। ट्रेन केञ् चालक ने घटना की सूचना रेलवे पुलिस को दी। रेलवे पुलिस केञ् जवानों ने पिल्लूखेड़ा रेलवे स्टेशन से कुञ्छ पहले हुड़दंग मचा रहे पांच युवकों को गिरतार कर लिया जबकि कुञ्छ युवक ञ्भागने में कामयाब हो गए। पुलिस पूछताछ में युवकों की पहचान कालवा गांव निवासी राकेञ्श, जसबीर, दिलबाग, पिल्लूखेड़ा निवासी चांद तथा राकेञ्श केञ् रूञ्प में हुई।

सेल्समैन के् साथ मारपीट कर नकदी छीनी

जींद : कंञ्डेला गांव केञ् पास स्थित जय हनुमान फिलिंग स्टेशन पर मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने सेल्समैन केञ् साथ मारपीट की। इसकेञ् बाद आरोपियों ने सेल्समैन से पांच हजार रुपये की नकदी छीन ली और उसे कमरे में बंद कर फरार हो गए। पुलिस ने पेट्रोल पंप केञ् सेल्समैन की शिकायत पर एक युवक ञ्को नामजद कर तीन युवकों केञ् खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल कोई सुराग पुलिस केञ् हाथ नहीं लग सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी केञ् अनुसार कंञ्डेला गांव निवासी सुलतान गांव केञ् ही पास स्थित जय हनुमान फिलिंग स्टेशन पर सेल्समैन केञ् रूञ्प में काम करता है। सोमवार रात को काले रंग की बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर तीन युवक ञ्आए और सुलतान से मोटरसाइकिल में पेट्रोल डालने केञ् लिए कहा। युवकों केञ् तेवरों तथा बिना नंबर की मोटरसाइकिल देख सुलतान ने पेट्रोल डालने से मना कर दिया और सुरक्षा केञ् लिए दौड़ता हुआ फिलिंग स्टेशन पर बने केञ्बिन में घुस गया। इसकेञ् बाद मोटरसाइकिल सवार युवक उसकेञ् पीछे दौड़ते हुए केञ्बिन में घुस गए और सुलतान केञ् साथ मारपीट की। इसकेञ् बाद युवकों ने उसकी जेब से लगभग पांच हजार रुपये की नकदी छीन ली और केञ्बिन को बाहर से बंद करकेञ् ााग गए। इसकेञ् बाद पेट्रोल डलवाने आए गांव केञ् ही लोगों ने सुलतान को केञ्बिन से बाहर निकाला। इसकेञ् बाद घटना की सूचना पुलिस को दी, लेकिन जब तक ञ्पुलिस मौकेञ् पर पहुंचती तब तक मोटरसाइकिल सवार युवक फरार हो चुकेञ् थे। मगर सुलतान ने एक लुटेरे युवक ञ्को पहचान लिया है। पुलिस ने सुलतान की शिकायत पर नगूरां गांव निवासी सुरेंद्र को नामजद कर दो अन्य केञ् खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल किसी की गिरतारी नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

लृसेल्समैन को किया कमरे में बंद, हजारो की लूट

सेल्समैन केञ् साथ मारपीट कर नकदी छीनी
जींद : कंञ्डेला गांव केञ् पास स्थित जय हनुमान फिलिंग स्टेशन पर मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने सेल्समैन केञ् साथ मारपीट की। इसकेञ् बाद आरोपियों ने सेल्समैन से पांच हजार रुपये की नकदी छीन ली और उसे कमरे में बंद कर फरार हो गए। पुलिस ने पेट्रोल पंप केञ् सेल्समैन की शिकायत पर एक युवक ञ्को नामजद कर तीन युवकों केञ् खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल कोई सुराग पुलिस केञ् हाथ नहीं लग सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी केञ् अनुसार कंञ्डेला गांव निवासी सुलतान गांव केञ् ही पास स्थित जय हनुमान फिलिंग स्टेशन पर सेल्समैन केञ् रूञ्प में काम करता है। सोमवार रात को काले रंग की बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर तीन युवक ञ्आए और सुलतान से मोटरसाइकिल में पेट्रोल डालने केञ् लिए कहा। युवकों केञ् तेवरों तथा बिना नंबर की मोटरसाइकिल देख सुलतान ने पेट्रोल डालने से मना कर दिया और सुरक्षा केञ् लिए दौड़ता हुआ फिलिंग स्टेशन पर बने केञ्बिन में घुस गया। इसकेञ् बाद मोटरसाइकिल सवार युवक उसकेञ् पीछे दौड़ते हुए केञ्बिन में घुस गए और सुलतान केञ् साथ मारपीट की। इसकेञ् बाद युवकों ने उसकी जेब से लगभग पांच हजार रुपये की नकदी छीन ली और केञ्बिन को बाहर से बंद करकेञ् ााग गए। इसकेञ् बाद पेट्रोल डलवाने आए गांव केञ् ही लोगों ने सुलतान को केञ्बिन से बाहर निकाला। इसकेञ् बाद घटना की सूचना पुलिस को दी, लेकिन जब तक ञ्पुलिस मौकेञ् पर पहुंचती तब तक मोटरसाइकिल सवार युवक फरार हो चुकेञ् थे। मगर सुलतान ने एक लुटेरे युवक ञ्को पहचान लिया है। पुलिस ने सुलतान की शिकायत पर नगूरां गांव निवासी सुरेंद्र को नामजद कर दो अन्य केञ् खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल किसी की गिरतारी नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पूनम ने किया जींद का नाम रोशन


जींद : अर्बन इस्टेट निवासी पूनम जाटान ने मिल्ट्री नर्सिंग सर्विस में लेिटनेंट बनकर न केञ्वल अपने मातालृपिता बल्कि जिले का नाम रोशन किया है। लेिटनेंट बनने पर उनकेञ् परिवार में チाुशी का माहौल है। फिलहाल पूनम कमांड हास्पिटल लチानऊ में तैनात हैं और वह जिले की पहली महिला लेिटनेंट हैं।
सेवानिवृा स्टेशन सुप्रीटेंडेंट व पूनम जाटान केञ् दादा उमेद सिंह ने बताया कि पूनम बचपन से ही काफी प्रतिााशाली थी और उसमें सीチाने की ललक थी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों ाारत स्तर पर कमीशनिंग इन नर्सिंग आफिसर का टेस्ट हुआ था। इसमें छह सौ आवेदकों ने ााग लिया था।
इसमें से साठ का चयन किया जाना था। इनमें से पूनम एक है। उन्होंने बताया कि पूनम केञ् अलावा हरियाणा केञ् सोनीपत जिले की एक अन्य लडकी ने ाी इस टेस्ट को पास करकेञ् मिल्ट्री में स्थान बनाया है। उन्होंने बताया कि जब पूनम चार वर्ष की थी, ताी उसकेञ् पिता उदयराज सिंह की दुर्घटना में मौत हो गई थी। पूनम ने दस जमा दो तक डीएवी में पढाई की और उसकेञ् बाद एमएम कालेज आफ नर्सिंग मुलाना में पढाई की और अब उसका चयन मिल्ट्री नर्सिंग सर्विस में लेिटनेंट केञ् पद पर हुआ है। पूनम की माता कुञ्सुम देवी घरेलू महिला है और वह अपनी बेटी को आगे बढने केञ् लिए हमेशा प्रेरित करती रहती है। दादा उमेद सिंह ने कहा कि वह अपनी पोती केञ् चयन पर काफी チाुश हैं।

Saturday, September 26, 2009

कालाबाजारी करने केञ् मामले में पुलिस ने एक डिपो होल्डर केञ् खिलाफ मामला दर्ज

जींद : सार्वजनिक ञ्वितरण प्रणाली केञ् तहत आए केञ्रोसिन की कालाबाजारी करने केञ् मामले में पुलिस ने एक डिपो होल्डर केञ् खिलाफ आवश्यक खाद्य वस्तु अधिनियम केञ् तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने उसकेञ् पास से एक सौ पिचासी लीटर केञ्रोसिन तेल बरामद किया है। पुलिस ने उसकेञ् チािलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जानकारी केञ् अनुसार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सींसर गांव में राशन डिपो चलाने वाला बलबीर सार्वजनिक ञ्वितरण प्रणाली केञ् तहत आए केञ्रोसिन को लोगों में वितरित करने की बजाए लैक में बेचने केञ् लिए गांव हथो जा रहा है। सूचना केञ् आधार पर पुलिस ने गांव हथो में छापा मारा। पुलिस पार्टी को देख बलबीर केञ्रोसिन ड्रम को छोड़कर फरार हो गया। पुलिस द्वारा ड्रम से एक सौ पिचासी लीटर केञ्रोसिन तेल बरामद किया गया। पुलिस ने बलबीर केञ् खिलाफ आवश्यक खाद्य वस्तु अधिनियम केञ् तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

Thursday, September 24, 2009

आम आदमी को परेरित करने मे ऐड्स पीड़ित

जींद : सेक्स, कण्डोम, ऐड्स इनके बारे में बात करने पर आज भी लोग काफी हिचकिचाहट महसूस करते हैं। यहां तक की टेलीविजन पर कोई विज्ञापन भी प्रसारित होता है तो देखने वाले चैनल को बदल देते हैं। अधिकतर लोगों की सोच आज भी यही है कि इनकेञ् बारे में बातें करना गलत है, लेकिन ऐसे लोगों सोच को जिले के (एड्‌स्न्स ग्रसित) उन चंद लोगों ने गलत साबित कर दिया है, जो एचआईवी-पाजिटिव होते हुए भी समाज की मुखेय्धरा मे जुडक़र एड्‌स्न्स के बारे में खुलकर प्रचार करने में लगे हुए हैं।जिला रेडक्रॉस सोसाइटी केसचिव रणदीप श्योकंञ्द-के सानिध्य में एड्‌स्न्स कंञ्ट्रोल सोसाइटी से जुडे़ जिले के इन चार व्यक्तिञ्यों को जब स्वयं को एड्‌स्न्स होने केञ् बारे में पता चला तो काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। समाज की मुチयधारा से जुड़ने में भी समय लग गया, लेकिन काउंसलिंग-व एड्‌स्न्स ग्रसित लोगों केञ् सामने आने वाली परेशानियों को देखते हुए इनकेञ् हौसले बुलंद हुए और इन लोगों ने एड्‌स्न्स ग्रसित लोगों को समाज की मुチयधारा से जोड़ने का निर्णय लिया। आज ये चारों लोग न केञ्वल गांव व शहरों में जाकर एड्‌स्न्स केञ् प्रति जागरूञ्क कर रहे हैं बल्कि एड्‌स्न्स ग्रसित लोगों को मुチयधारा में जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उक्तञ् सभी प्रचार केञ् दौरान स्वयं द्वारा की गई गलतियों को बताते हैं और लोगों को ऐसी गलतियों से सबक लेने व न दोहराने की बात करते हैं। यदि एड्‌स्न्स ग्रसित लोग समाज को जागरूञ्क करने का बीड़ा उठा सकते हैं तो हमें भी आगे आना होगा। वैसे तो काफी संस्थाएं हैं, जो एड्‌स्न्स पर प्रचार करने में लगी हुई हैं। इस बारे में रेडक्रञस टारगेट इंटरवेशन-प्रोजेタट फार एड्‌स्न्स कंञ्ट्रोल केञ् प्रोजेタट मैनेजर विनोद कुञ्मार ने कहा कि एड्‌स्न्स एक लालृइलाज बीमारी है और जानकारी ही बचाव है।

घर द्वार पर मिलेगी योन रोगों का इलाज

जींद : यौन रोग से पीडि़त लोगों को अब उनकेञ् घर द्वार केञ् नजदीक ही इलाज की सुविधा मिलेगा और वह भी बिल्कुञ्ल मुत। एड्‌स कंञ्ट्रोल सोसाइटी जींद-द्वारा शहर केञ् कुञ्छ निजी अस्पतालों का चुनाव करेगी और उन अस्पतालों में यौग रोगों से संबंधित इलाज मुहैया कराएगी। इतना ही नहीं रोगी को काउंसलिंग-केञ् साथलृसाथ दवाइयां भी मुत उपलध कराई जाएंगी। एड्‌स्न्स कंञ्ट्रोल सोसाइटी द्वारा अपने इस प्रोजेタट को जल्द ही मूर्त रूञ्प दिया जाएगा।जानकारी केञ् अनुसार एड्‌स्न्स कंञ्ट्रोल सोसाइटी द्वारा यौन रोग से पीडि़त मरीजों की सुविधा केञ् लिए शहर में ऽ-जगहों पर एसटीडी-タलीनिक खोले जाएंगे। इन タलीनिक को शहर केञ् विभिन्न नौ स्थानों पर स्थित निजी अस्पतालों में ही संचालित किया जाएगा। सोसाइटी द्वारा इन ऽ-निजी अस्पतालों को हायर किया जाएगा। इसकेञ् तहत इन निजी अस्पतालों केञ् एमबीबीएस-डाタटर ही मरीजों का इलाज करेंगे।इलाज की सुविधा उपलध कराने से पूर्व इन डाタटरों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जोकि सिविल अस्पताल में होगा। नेको-द्वारा प्रशिक्षित किए गए सिविल अस्पताल केञ् डाタटर ही इन निजी अस्पतालों केञ् डाタटरों को प्रशिक्षित करेंगे। इसमें इलाज की सुविधा बिल्कुञ्ल मुत होगी। मरीजों को काउंसलिंग-केञ् साथलृसाथ दवाईयां भी निःशुल्क उपलध कराई जाएंगी। यह दवाईयां भी एड्‌स्न्स कंञ्ट्रोल सोसाइटी द्वारा उपलध कराई जाएंगी। रेडक्रञस टारगेट इंटरवेशन-प्रोजेタट फार एड्‌स्न्स कंञ्ट्रोल केञ् प्रोजेタट मैनेजर विनोद कुञ्मार ने बताया कि शहर केञ् चुनिंदा निजी अस्पतालों में एसटीडी-タलीनिक यानी यौग रोग केञ् इलाज की सुविधा उपलध कराई जाएगी। इसे अंतिम रूञ्प दिया जा रहा है। शहर में ऐसे ऽ-निजी अस्पतालों का चयन किया जाना है। इनकेञ् खुलने से यौन रोग से पीडि़त मरीजों को उनकेञ् घर द्वार केञ् आसपास ही इलाज की सुविधा मिल सकेञ्गी। इसमें दवाईयां भी ड्ड्रञ्ी उपलध कराई

Thursday, September 17, 2009

टच स्क्रीन के जरिए मतदाताओं को मिलेगी जानकारी

जींद : मतदाताओं की सुविधा के लिए जिला चुनाव कार्यालय में टच स्क्रीन जल्द लगाई जाएगी। इस पर एटीएम की तरह टच करने पर मतदाता को जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। इस टच स्क्रीन पर मतदाता अपने नाम तथा परिवार के अन्य मतदाताओं के संबंध में जानकारी हासिल कर सकेगा। इस मशीन को चुनाव कार्यालय में रखा जाएगा, जहां कोई भी मतदाता इसके प्रयोग से जानकारी हासिल कर सकता है। यह टच स्क्रीन एटीएम की तरह काम करती है। इस स्क्रीन की विशेषता यह होगी कि इसमें डेमो की सुविधा दी गई है अर्थात इस स्क्रीन पर इसे कैसे प्रयोग में लाना है, के बारे में भी जानकारी है। मशीन अपने प्रयोग का तरीका भी सुझाती है। इसमें एटीएम की तरह स्क्रीन को टच करना होता है। सबसे पहले विधानसभा क्षेत्र का विकल्प दिया है अर्थात आप कौन से विधान क्षेत्र की वोटर लिस्ट देखना चाहते है, उसे स्क्रीन को टच करके स्क्रीन पर लाना होता है। इसके बाद आप जिस भी गांव व शहर के वोटर है, उसका नाम एल्फाबेटिकली क्रम लाकर उसी वर्ण के आगे स्क्रीन को टच करेगे तो आप के गांव व शहर का नाम आ जाएगा। इस प्रकार एक मतदाता के घर में कितने वोटर है, उनके नाम भी एक कोने में आ जाएंगे। मतदाता से संबंधी सारी जानकारी जैसे नाम, आयु, मतदान केंद्र का नाम, लिंग आदि स्क्रीन पर आ जाएगी। इसे चलाने की प्रक्रिया बिल्कुल आसान है। कम पढ़ा-लिखा आदमी भी इसका प्रयोग आसानी से कर सकेगा। सही मायने में तो यह मशीन ही बता देती है कि इसका प्रयोग कैसे करना है। सुरक्षा की दृष्टि से इसे एटीएम का रूप दिया गया है। एक खूबसूरत एटीएम नूमा लकड़ी का माडल बनाकर इसमें इस स्क्रीन को स्थापित किया गया है। इसमें कंप्यूटर की तरह माउस की जरूरत नहीं है बल्कि सारी प्रक्रिया के लिए स्क्रीन को हाथ की उंगली से स्पर्श करना होता है। इस स्क्रीन को चुनाव के बाद अन्य कार्यो में भी प्रयोग लाया जा सकता है। जिला सूचना अधिकारी एमजैडआर बदर ने बताया कि टच स्क्रीन चुनाव कार्यालय में लगाई जाएगी। नए मतदाताओं की सूची अपडेट होने के बाद डाटा पूरा होने के बाद चंडीगढ़ से आएगा। उसके बाद डाटा अपग्रेड करके चुनाव कार्यालय में टच स्क्रीन लगा दी जाएगी। इस मशीन को आसानी से चलाया जा सकता है। कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति आसानी से इस मशीन को चलाकर जानकारी हासिल कर सकता है।

Tuesday, September 15, 2009

पत्नी व ससुर ने पति को लगाई आग

जींद : बूढ़ाखेड़ा गांव में पत्नी व ससुर ने पति को जिंदा जलाने के प्रयास किया। आग से झुलसे पति को सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां डाक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया है। पुलिस ने झुलसे पति की शिकायत पर पत्नी, ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार बूढ़ाखेड़ा गांव निवासी यमन खान ने 14 सितंबर को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका विवाह छह माह पहले मतलौडा निवासी पिंकी के साथ हुआ था। कुछ दिन पहले उसके व पिंकी के किसी बात को लेकर पारिवारिक झगड़ा हो गया। झगड़े के बाद पिंकी ने अपने पिता यमशेर व ताऊ जूना को निपटारे के लिए 13 सितंबर को गांव बुला लिया। जब दोनों परिवारों के सदस्यों के बीच बातचीत चल रही थी तो पिंकी का पिता यमन खान उसे समझाने के बहाने एक अलग कमरे में ले गया। वहां कमरे में मौजूद पिंकी, ताऊ जूना तथा यमशेर ने उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। उसके द्वारा बचाव में शोर मचाए जाने पर परिजन कमरा खोलकर अंदर आ गए और किसी तरह उसकी आग पर काबू पाया। पुलिस ने यमन की शिकायत पर पत्नी पिंकी, ससुर यमशेर खान व ताऊ ससुर जूना के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से तीनों आरोपी फरार है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Monday, September 14, 2009

साइड देने को लेकर रोडवेज कर्मचारियों के साथ मारपीट

जींद : रोडवेज वर्कशाप में हथियारों से लैस होकर मोटरसाइकिल सवार युवकों ने रोडवेज चालक व परिचालक के साथ मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही रोडवेज कर्मचारी तथा पुलिस मौके पर पहुंच गई और दो युवकों को पकड़ लिया जबकि अन्य युवक भाग गए। घायल चालक व परिचालक को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उन्हे उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार ईक्कस गांव निवासी रोडवेज बस चालक सतीश कुमार रविवार देर सायं जींद डिपो की बस को बरवाला से जींद लेकर आ रहा था। जब वह नई सब्जी मंडी मोड़ के पास पहुंची तो मोटरसाइकिल सवार कुछ युवक बस चालक सतीश से साइड देने को लेकर लड़ पडे़। इस दौरान मामला सुलझ गया। इसके बाद मोटरसाइकिल सवार युवक अपने साथियों के साथ हथियारों तथा डंडों से लैस होकर रोडवेज वर्कशाप पहुंच गए और चालक सतीश कुमार व परिचालक देवेंद्र के साथ मारपीट करने लगे। यह देखकर अन्य रोडवेज कर्मचारी तथा पुलिस मौके पर पहुंच गई और रोडवेज कर्मचारियों को पीट रहे दो युवकों को पकड़ लिया। घायल रोडवेज कर्मियों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हे छुट्टी दे दी गई। सिविल अस्पताल में उपचाराधीन चालक सतीश कुमार ने बताया कि वह बरवाला से बस लेकर जींद आ रहा था। नई सब्जी मंडी मोड़ पर मोटरसाइकिल सवार युवक मोटरसाइकिल को सड़क पर खड़ा कर बातचीत कर रहे थे। जब उसने साइड देने की बात की तो मोटरसाइकिल सवार युवकों ने उनके साथ गाली गलौच व मारपीट शुरू कर दी। उस समय तो बीच बचाव कर मामला शांत हो गया। बाद में तीन मोटरसाइकिलों पर हथियारों से लैस होकर युवक रोडवेज वर्कशाप में घुस आए और उन पर हमला कर दिया। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Friday, September 11, 2009

बरसात ने तोड़े सारे रिकार्ड

जींद : जिले में लगातार 45 घंटे से हो रही बरसात रुकने का नाम नहीं ले रही है। वहीं सितंबर माह में पिछले 14 सालों के दौरान पांच बार ही औसतन 100एमएम से अधिक बरसात दर्ज की गई है। जब भी इतनी बरसात हुई है, जिले के लोगों को अच्छी-खासी परेशानी का सामना करना पड़ा है। प्रशासनिक दावों की पोल खुलती हुई नजर आई है। 1995 में हुई 383एमएम बरसात में तो जिले में बाढ़ तक आ गई थी, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों के दावे धरे के धरे रह गए थे और लोगों को अच्छी खासी परेशानी उठानी पड़ी थी। अब भी पिछले डेढ़ दिन से बरसात हो रही है और मौसम वैज्ञानिक भी अगले दो दिन तक रुक-रुककर बरसात होने की बात कर रहे है। कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार जिले में सितंबर माह के दौरान पिछले 14 सालों में पांच बार औसतन 100एमएम से अधिक बरसात दर्ज की गई। जब भी इतनी बरसात हुई, उस दौरान जन जीवन तो ठप हुआ ही, साथ ही फसलों को भी नुकसान उठाना पड़ा। जिले में सितंबर माह में सबसे अधिक बरसात सन् 1995 में दर्ज की गई थी। इस दौरान 383एमएम बरसात हुई थी और जिले में बाढ़ आ गई थी। इसके बाद वर्ष 1998 में 100एमएम से अधिक बरसात दर्ज की गई। इस दौरान 176एमएम बरसात हुई। इसके बाद वर्ष 2002 में जिले में औसतन 124एमएम बरसात दर्ज हुई। इसके बाद वर्ष 2005 में 208एमएम बरसात रिकार्ड की गई थी। इस दौरान भी जन जीवन काफी प्रभावित हुआ। वर्ष 2005 के बाद चार साल बाद अब अब तक जिले में 170एमएम बरसात दर्ज की जा चुकी है। वहीं पिछले डेढ़ दिन में ही औसतन 150एमएम बरसात दर्ज की जा चुकी है।

Thursday, September 10, 2009

बरसात ने रोकी जिले की रफ्तार




जींद : बुधवार रात से रुक-रुककर बरस रही बरसात शुक्रवार भी पूरा दिन जारी रहा। बरसात ने शहर को पूरी तरह से तर-बरत कर दिया। बरसात से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं मौसम में ठंडक आ गई। वहीं यह बरसात किसानों के लिए भी वरदान साबित हुई। बरसात के चलते शहर के मुख्य मार्गो के अलावा कई कालोनियों में पानी जमा हो गया। सबसे ज्यादा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को उठानी पड़ी। घरों में पानी घुसने के कारण लोग परेशान दिखाई दिए और पानी निकालने में लगे रहे। वहीं बरसात ने ठंड का मीठा अहसास भी करा दिया। जिले में औसतन पिछले ५० घंटे मे 106एमएम से अधिक बरसात दर्ज की गई। सबसे अधिक बरसात जींद में १९८ एमएम तथा सबसे कम बरसात उचाना में १५ एमएम हुई। बुधवार शाम से ही आसमान में काले बादल छाने शुरू हो गए थे। बुधवार लगभग दस बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई थी,। जो दिन जारी रही। रुक-रुककर हो रही बरसात से जहां तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई, वहीं मौसम में आए परिवर्तन से लोग को गर्मी से राहत मिली। कृषि विशेषज्ञ भी बरसात को फसलों के लिए लाभदायक बता रहे है। बृहस्पतिवार को पूरा दिन आसमान में छाएं काले बादलों से मौसम खुशगवार रहा। पिछले काफी दिनों से बरसात न होने के कारण किसानों को पंपों का सहारा लेना पड़ रहा था। फिर भी पर्याप्त मात्रा में धान फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही थी, लेकिन बुधवार रात को हुई बरसात ने किसानों की सिंचाई परेशानी को खत्म कर दिया है। बरसात के चलते शहर के पटियाला चौक, पुरानी सब्जी मंडी मोड़, सफीदों गेट, बाल भवन रोड पर पानी जामा हो गया, जिससे राहगीरों को अच्छी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में सबसे अधिक बरसात जींद १९८ एमएम, सफीदों १७२ एमएम, पिल्लूखेड़ा में १०८, नरवाना में ४५, जुलाना में १०१ एमएम, उचाना में १५ एमएम हुई। इस बारे में कृषि उपनिदेशक रोहताश सिंह राहड़ ने बताया कि बरसात धान व बाजरे की फसल के लिए काफी फायदेमंद है, वहीं जिन किसानों की कपास की फसल खिल चुकी है उसके लिए यह थोड़ी नुकसानदायक सिद्ध हो सकती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे पानी का संग्रह कर रखें जबकि कपास वाले किसान खेतों में पानी जमा न रहने दें।

बेटिकट सवारियों ने की रोडवेज फ्लाइंग से हाथापाई

जींद : पिल्लूखेड़ा से जींद आ रही रोडवेज बस की पिंडारा गांव के पास रोडवेज फ्लाइंग द्वारा चेक किए जाने पर बेटिकट यात्रियों द्वारा हाथापाई की गई और गाली-गलोच किया गया। हाथापाई को अंजाम देकर बेटिकट यात्री मौके से फरार हो गए। चेकिंग दस्ते ने इसकी शिकायत रोडवेज महाप्रबंधक से की है। रोडवेज महाप्रबंधक ने इस बस को आगामी एक-दो दिन तक बंद करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार पिल्लूखेड़ा से वाया खरक, आसन, बराह कलां, खुर्द होते हुए जींद के लिए रोडवेज बस नंबर-एचआर-56-1612 आ रही थी। जैसे ही बस पिंडारा गांव के नजदीक पहुंची तो फ्लाइंग को देखकर चालक रणबीर ने बस को रोक दिया। बस रुकने पर फ्लाइंग दस्ता नंबर-दो बस में चला गया और यात्रियों की टिकट चेक करने लगा। बस में लगभग डेढ़ दर्जन युवक बेटिकट यात्रा कर रहे थे। जैसे ही फ्लाइंग दस्ते ने टिकट की मांग की तो वह टिकट दिखाने की बजाय फ्लाइंग दस्ते से उलझ गए। बेटिकट यात्रियों ने फ्लाइंग के साथ गाली-गलोच करते हुए हाथापाई की। बेटिकट यात्रियों ने निरीक्षक रामकिशन तथा कंडक्टर विजय के साथ बदतमीजी की। लगभग 15-20 मिनट तक यह नजारा जारी रहा। घटना को अंजाम देकर उक्त बेटिकट यात्री मौके से फरार हो गए। इसके बाद चालक बस को बस स्टैंड पर ले आया और इसकी शिकायत रोडवेज महाप्रबंधक से की। रोडवेज महाप्रबंधक एमएस खर्ब ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस बारे में जब रोडवेज महाप्रबंधक एमएस खर्ब से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि फ्लाइंग दस्ते द्वारा शिकायत की गई है। इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि आगामी दो दिनों के लिए उक्त बस को बंद कर दिया गया है तथा उक्त रूट पर दोनों फ्लाइंग दस्ते तथा अन्य कर्मचारियों को चेकिंग के लिए लगाया जाएगा और चेकिंग की जाएगी। बेटिकट यात्रा करने वालों तथा बदतमीजी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि यह स्कूली छात्र नहीं बल्कि शरारती तत्व है, जो जान-बूझकर बेटिकट यात्रा करते है और रोब झाड़ते है।

Wednesday, September 9, 2009

थाना परभारी की गाड़ी की हवा निकली

जींद:- गाँव हाड़वा में लड़की के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले को लेकर पंचायत का आयोजन किया गया जिसमें पहुंचे थाना प्रभारी व ग्रामीणों के बीच जमकर कहासुनी हुई। इसी बीच ग्रामीणों ने थाना प्रभारी की गाड़ी की हवा निकाल दी। मौके पर पहुंचे डीएसपी सभा चंद के आश्वासन के बाद गुस्साए ग्रामीण शांत हुए। जानकारी के अनुसार हाड़वा गांव की एक लड़की गांगोली गांव में पढ़ने के लिए जा रही थी। रास्ते में कुछ लड़कों ने स्कूल जा रही छात्रा के साथ छेड़छाड़ की। आरोपी लड़कों के खिलाफ कार्रवाही को लेकर गांव हाड़वा में पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा आरोपी लड़कों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किये जाने पर ग्रामीणों में रोष फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों की पुलिस के साथ कहासुनी भी हुई। इसी बीच ग्रामीणों ने थाना प्रभारी की गाड़ी की हवा निकाल दी। गांव में फैल रहे तनाव की सूचना मिलते ही डीएसपी व अन्य पुलिस अधिकारी भी गांव में पहुंचे। डीएसपी के उचित कार्रवाही के आश्वासन के बाद गुस्साएं ग्रामीण शांत हुए।

पोर्न साइट्स बनी यूथ की पहली पसंद

जींद: यदि आप अश्लील फिल्में देखने के शौकीन है और समाज तथा कानून की नजरों से बचे रहना चाहते है तो घबराइए मत साइबर कैफे पहुंचिए और मनचाही अश्लील साइट खोलकर बैठ जाइए। यहां आप दरवाजे लगे केबिन में पैक होकर इत्मीनान से अश्लील चित्रों और फिल्मों का लुत्फ उठा सकते है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस और प्रशासन का ध्यान अभी तक इस ओर नहीं गया है। इस साइट का सबसे ज्यादा आनंद लेने वाला युवा वर्ग ही है।कैफे मालिक इस धंधे के जरिए अच्छी खासी कमाई कर रहे है। वैसे तो इंटरनेट के माध्यम से दुनिया की कोई भी जानकारी हासिल की जा सकती है, किंतु शहर में खुले कुछ साइबर कैफों की हालत देखकर लगता है कि यह केवल अश्लीलता परोसने का केंद्र बनकर रह गए है। पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के चलते शहर का युवा बहुत तेजी से अश्लीलता के इस जाल में फंसता जा रहा है। कुछ साइबर कैफे संचालकों का कहना है कि इसके बिना उनका धंधा भी नहीं चलता। शहर में इस समय एक दर्जन से अधिक साइबर कैफे मौजूद है तथा इनमें से अधिकतर में केबिन सुविधा उपलब्ध है। कैफे मालिकों का तर्क है कि केबिन से प्राइवेसी बनी रहती है तथा लोग बिना किसी बाधा के अपने मतलब की जानकारियां हासिल करते है। उधर इंटरनेट पर अंगुलियां चलाने वाले युवाओं का कहना है कि जानकारिया लेने का कार्यक्रम तो केवल कुछ समय ही चलता है इसके बाद तो पोर्न साइटे ही खोली जाती है। इतना ही नहीं कई युवा तो अपने मित्रों के साथ यहां पहुंचते है और केबिन का दरवाजा बंद होते ही इंटरनेट पर फिल्म देखने का सिलसिला शुरू हो जाता है। बात यहीं खत्म नहीं हो जाती कुछ साइबर कैफों जहां सीडी देखने की सुविधा उपलब्ध है वहां युवा बाजार से खरीदी गई सीडी ले जाते है और अश्लील फिल्में देखते है। एक साइबर कैफे में पहुंचे कालेज के छात्र का कहना है कि उन्हे यहां आते करीब एक वर्ष हो चुका है और अब तो इसकी आदत सी पड़ गई है। उन्होंने बेहिचक बताया कि वह कभी-कभी अश्लील साइट्स भी खोलता है। वहीं एक अन्य का कहना है कि उन्होंने तो अश्लील चित्र एकत्रित करने के लिए अपना एक अलग फोल्डर तैयार कर रखा है जिसे केवल वही खोल सकता है।

Sunday, September 6, 2009

/http://blogonprint.blogspot.com/2

जेस्सिड का जहरीला डंक कपास को कर सकता है बर्बाद!



जींद : कपास की खेती करने वाले किसानों के लिए तेला वैज्ञानिक नाम 'जेस्सिड' खतरे की घंटी बनकर आया है। यह कपास के पौधे तथा पत्तों का रस चूसकर हानि पहुंचाने का काम करता है। कपास के खेत में ज्यादा तेला होने से प्रति एक के हिसाब से कपास उत्पादन में फर्क आता है। कपास के कुछ इलाकों में इसे मारने वाले दस्यु, बुगड़े, दीद्डे बुगड़े, कातिल बुगड़ तथा कंघेडू बुगड़े भी पैदा हो रहे हैं, जो किसान की मदद करके कपास को बचाने में मील के पत्थर का काम करेगे। वैसे तो इन दिनों कपास की फसल कई बीमारियां ने दस्तक दे दी है, जो कपास की फसल को बर्बाद करके किसान को अर्थिक नुकसान पहुंचा सकती हैं, लेकिन तेला नामक यह जीव किसानों पर भारी पड़ सकता है। इस समय किसानों द्वारा बोई गई कपास की फसल पूरे यौवन पर है। फूल, भौंकी तथा फल प्रचुर मात्रा में लग रहा है। ऐसे में तेले ने अपनी खूनी डंक चलाना शुरू कर दिया है। इस कीट की लंबाई तीन मिलीमीटर होती है। तेला के प्रौढ़ एवं निम्फ दोनों ही पौधे के पत्तों का रस चूसने का काम करते हैं। रस चूसने के साथ-साथ यह पौधे में जहर भी छोड़ने का काम करता है, जिससे पौधे की वृद्धि में फर्क पड़ता है। रस चूसने के कारण प्रकोपित पत्ते पले पड़ जात हैं। साथ ही लाल रंग के बिंदु नूमा निशान पड़ जाते हैं। ज्यादा असर होने के बाद पत्ता सुखकर नीचे गिर जाता है। इसके निम्फ करीबन 5 बार कांजली उतारते हैं। निम्फ से आगे कनका प्रौढ़ीय जीवन 40 से 60 दिन का होता है। अनेक बार ऐसा देखने में आया है कि किसान इसको मारने के लिए हजारों-हजारों रुपये के कीट नाशकों को छिड़काव करते हैं। कृषि विकास अधिकारी डा. सुरेद्र सिंह दलाल ने बताया कि तेला कपास की फसल में काफी नुकसान पहुंचाता है। किसानों को इसकी पहचान करनी चाहिए। इसको खत्म करने के लिए कई किसान मित्र कीट काफी हद तक कारगर साबित हुए हैं।

दहेज के लिए विवाहिता को जलाकर मार डालने के मामले में पति सहित तीन को सजा

जींद : दहेज की मांग पूरी न करने पर विवाहिता को जलाकर मार डालने के मामले में अदालत ने पति को आठ वर्ष तथा दो हजार रुपये जुर्माना जबकि सास तथा ससुर को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दो-दो हजार रुपये जुर्माने के तौर पर भी भरने होंगे। अदालत में चले अभियोग के अनुसार वार्ड संख्या-11 नरवाना निवासी जगदीश ने 23 नवंबर 2008 को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बेटी सुनीता की शादी सवा साल पूर्व आदर्श नगर निवासी अश्वनी के साथ हुई थी। शादी के समय सुनीता को यथा संभव दान दहेज दिया गया था, लेकिन सुसरालजन उसे और अधिक दहेज लाने के लिए मजबूर करते थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर सुनीता के सुसरालजनों ने 18 नवंबर 2008 की रात उस पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। पड़ोसियों द्वारा सुनीता को सामान्य अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने सुनीता की 90 प्रतिशत जली हालत देख पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जहां पांच दिन बाद उपचार के दौरान सुनीता की मौत हो गई। पुलिस ने जगदीश की शिकायत पर पति अश्वनी, ससुर रामदास, सास इमरती उर्फ मूर्ति देवी के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा। बीबी प्रसून्न की अदालत ने पति अश्वनी को आठ वर्ष तथा दो हजार रुपये जुर्माना जबकि सास इमरती उर्फ मूर्ति देवी तथा ससुर रामदास को सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा उन्हे दो-दो हजार रुपये जुर्माने के तौर पर भरने होंगे।

Friday, September 4, 2009

दुश्मन कीटों को अब कातिल बुगड़ा 'असैनिनबग' नामक जीव खत्म करेगा


फसलों को बर्बाद करने वाले किसान के दुश्मन कीटों को अब कातिल बुगड़ा 'असैनिनबग' नामक जीव खत्म करेगा। इस मित्र कीट के फसलों में आने से किसानों में खुशी की लहर है। यह बुगड़ा कपास, धान तथा बाजरे की फसल में पाया जा रहा है। बुगड़े द्वारा दुश्मन कीटों के खाने से किसान प्रति एकड़ के हिसाब से उत्पादन बढ़ा सकता है। इस बात में कोई शक नहीं है कि अगर फसल में कोई बीमारी नहीं आए तो किसान की पौ बाहर रहती है। दूसरा मिलीबग जैसी बीमारी किसान के खेत में कुछ नहीं छोड़ती है। अब जिले के किसानों को फसल को खत्म करने वाले मच्छर, मक्खियों, मिलीबगों, तितलियां, पतंगों, भृर्गो तथा भंवरों से डरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह बुगड़ा इन सभी को अपनी डंक से मौत की नींद बड़ी ही आसानी से सुला सकता है। कातिल बुगड़ा जींद, जुलाना, सफीदों तथा उचाना के क्षेत्र में ज्यादा पाया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि किसानों को इसकी पहचान होनी बहुत ही जरूरी है। अगर किसानों को इसकी पहचान नहीं होगी तो इसे किसान इसे दूसरे दुश्मन कीटों की तरह खत्म कर सकते हैं। बुगड़ा डंक के जरिये से अपना जहर किसान के दुश्मन कीटों में फैलाता है। कातिल बुगड़े का जीवन काल 6 महीने का होता है। यह बाल्य काल से प्रौढ़ होने तक 65 से 90 दिन लेता है। इसी दौरान यह अपने जीवन में पांच बार कांजली छोड़ता है। मादा बुगड़ा समूहों में अंडे देती है। एक समूह में करीबन 40 अंडे होते हैं। मादा को ज्यादा भोजन की आवश्यकता होती है। इसी कारण यह ज्यादा कीटों को अपना भोजन बनाती है। इनके अंडो का रंग भूरा होता है। इसके शिशु को कीट वैज्ञानिक निम्फ कहते हैं। बुगड़े का रंगा काला, लाल तथा भूरा होता है। इसके शरीर की लंबाई 20 से 25 मिलीमीटर होती है। इसका गर्दन रूपी सिर लंबा होता है। बुगड़े की आंखें चमकदार होती हैं। इस बारे में जब कृषि विकास अधिकारी डा। सुरेद्र दलाल से बात की तो उन्होंने कहा कि कातिल बुगड़ा किसान का बहुत बड़ा मित्र कीट है। यह किसान की फसल की रक्षा दुश्मन कीटों से करता है। किसान को इसकी पहचान करनी चाहिए। कई बार किसान बिना पहचान के इस पर कीटनाशक का छिड़काव करवाकर इसे मार देते हैं। इसे मारना नहीं चाहिए।

Thursday, September 3, 2009

बलमिकी समुदाई के १५० परिवारों का सामाजिक बहिस्कार

जींद : बिशनपुरा गांव के बाल्मीकि परिवारों ने उपायुक्त से मिलकर गांव के ही दबंगों पर सामाजिक बहिष्कार करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सामाजिक बहिष्कार करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उन्हे सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। जानकारी के अनुसार बिशनपुरा गांव निवासी बाल्मीकि समुदाय के धर्म सिंह, जिले सिंह, प्रकाश, शमशेर, जगदीश, कृष्ण, कप्तान, पार्वती, बाला, किताबो देवी आदि ने लोगों ने उपायुक्त को दी शिकायत में बताया कि बाल्मीकि समुदाय से संबंधित संजय गांव के ही भाल सिंह के पास कापी फैक्टरी में कार्य करता था। संजय की पिछले चार साल का मेहनताना भाल सिंह के पास था। जब संजय ने भाल सिंह से अपना हिसाब करने के लिए कहा तो उस पर महिला से छेड़छाड़ का आरोप लगा दिया गया। उन्होंने बताया कि इसी मामले को लेकर मंगलवार रात को दबंगों ने पंचायत आयोजित की, जिसमें वाल्मीकि समाज के लोगों का सामाजिक बहिष्कार का फरमान जारी किया गया। गांव में वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ कोई भी व्यवहार नहीं रखेगा, न ही बाल्मीकि समाज के लोगों को खेतों में घुसने दिया जाए, न ही उन्हे दुकानों पर चढ़ने दिया जाए, न ही सार्वजनिक रास्तों तथा सार्वजनिक स्थलों का प्रयोग करने दिया जाए। उपायुक्त मोहम्मद शाइन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।